पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के कुछ इलाकों में EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है। यह री-पोलिंग आज 2 मई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है।
क्यों करानी पड़ी री-पोलिंग
चुनाव के दूसरे चरण में कई जगहों से गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में छेड़छाड़ के आरोप लगे। बताया गया कि कुछ मशीनों के बटन पर टेप या अन्य चीजें लगाई गई थीं, जिससे वोटिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी।
इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच की और जिन बूथों पर गड़बड़ी की आशंका ज्यादा थी, वहां का मतदान रद्द कर दिया गया।
किन इलाकों में हो रहा है मतदान
री-पोलिंग दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों पर हो रही है। इनमें 11 बूथ मग्रहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर क्षेत्र में शामिल हैं।
इन सभी बूथों पर आज सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जा रहा है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि इस बार मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
री-पोलिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बहुत मजबूत किया गया है। हर बूथ पर पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। कई जगहों पर लंबी कतारों में मतदाता नजर आए, जो अपने मताधिकार का उपयोग करने पहुंचे।
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
EVM विवाद के चलते राज्य में राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। एक तरफ सत्ताधारी दल ने पारदर्शिता की मांग की, तो दूसरी ओर विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
इस विवाद के कारण चुनाव का माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
चुनाव आयोग की सख्ती
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जहां भी गड़बड़ी की पुष्टि होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले भी आयोग ने चेतावनी दी थी कि EVM से छेड़छाड़ के मामलों में दोबारा मतदान कराया जाएगा।
इस कदम का मकसद चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखना और मतदाताओं का भरोसा कायम रखना है।
