पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने ट्विटर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली आज पूरे देश के लिए एक नया उदाहरण बन चुकी है।
चीमा ने कहा कि स्कूल शिक्षा सूचकांक में पंजाब का पहले स्थान पर आना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए शिक्षा सुधार अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।
शिक्षा सुधारों की हुई सराहना
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बच्चों के सीखने के स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिला है और स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं तेजी से बढ़ाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण छात्रों को नई तकनीक के साथ पढ़ाई करने का मौका मिल रहा है।
लड़कियों की शिक्षा पर भी जोर
हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब ने लड़कियों की शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब अब सीखने के स्तर, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षा के कई महत्वपूर्ण पैमानों पर देश के अन्य राज्यों से आगे निकल चुका है।
आपको बता दे की ,नीति आयोग की 2026 स्कूल शिक्षा रिपोर्ट में पंजाब ने शुरुआती शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब ने भाषा, गणित, डिजिटल शिक्षा और स्कूल सुविधाओं के मामले में कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया। खास बात यह रही कि शुरुआती शिक्षा के स्तर पर पंजाब ने केरल से भी बेहतर स्कोर हासिल किया है।
भाषा और गणित में पंजाब के छात्रों का शानदार प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक कक्षा 3 के भाषा टेस्ट में पंजाब के छात्रों ने 82 प्रतिशत स्कोर हासिल किया, जबकि केरल का स्कोर 75 प्रतिशत रहा। वहीं गणित में पंजाब 78 प्रतिशत के साथ आगे रहा और केरल 70 प्रतिशत पर रहा।
कक्षा 9 के गणित परिणामों में भी पंजाब ने कई राज्यों को पीछे छोड़ा। रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना महामारी के बाद भी पंजाब में सीखने के स्तर में सुधार देखने को मिला है।