भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने केंद्र सरकार के कुछ फैसलों पर खुलकर नाराज़गी जताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब अपने अधिकारों पर किसी भी तरह की “लूट” बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के हितों की रक्षा करना पंजाब सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
CISF तैनाती पर उठाए सवाल
बरिंदर गोयल ने BBMB में CISF की तैनाती और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ऐसे फैसले राज्यों से चर्चा किए बिना नहीं लिए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से जुड़े अहम संस्थानों में राज्य की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जो चिंता का विषय है।
संघीय ढांचे पर खतरे की बात
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का पंजाब के प्रति रवैया देश की संघीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत राज्यों के सहयोग से चलने वाला देश है और किसी भी राज्य के अधिकारों को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है। गोयल ने यह भी कहा कि पंजाब हमेशा देश की प्रगति में आगे रहा है और राज्य के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
