देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद आम लोगों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
बड़े शहरों में क्या हैं नए रेट?
नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल लगभग 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल 106 रुपये से ऊपर और कोलकाता में 108 रुपये के करीब बिक रहा है। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। कई राज्यों में स्थानीय टैक्स की वजह से कीमतें और ज्यादा हैं।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात तनावपूर्ण होने से तेल सप्लाई पर असर पड़ा है। इसी वजह से भारत में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
चार साल बाद बड़ी बढ़ोतरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पिछले करीब चार साल में पेट्रोल-डीजल की पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से कीमतें स्थिर रखी गई थीं, लेकिन बढ़ती लागत के कारण अब रेट बढ़ाना जरूरी हो गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा बना रहा तो आने वाले समय में और बढ़ोतरी हो सकती है।
लोगों और कारोबार पर असर
ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने की आशंका है, जिसका असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। कई राज्यों में बस किराए बढ़ाने की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं टैक्सी, ऑटो और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोग भी बढ़ती लागत को लेकर चिंता जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
