मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh के नेतृत्व में पंजाब में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार का दावा है कि राज्य में मातृ और शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम आंकड़ों में सुधार हुआ है।
जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में मातृ मृत्यु दर घटकर 77 तक पहुंच गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 87 है। इसी तरह शिशु मृत्यु दर 16 दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 24 से काफी बेहतर है।
नवजात और बच्चों की मृत्यु दर में भी कमी
सरकार के मुताबिक नवजात मृत्यु दर पंजाब में 11 तक पहुंच गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 18 है। वहीं 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर राज्य में 19 दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 28 से कम है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह सुधार अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं, समय पर इलाज और मातृ देखभाल सेवाओं के मजबूत होने का परिणाम है।
सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा
सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। आपातकालीन सेवाओं, प्रसूति देखभाल और बच्चों के इलाज की व्यवस्था में सुधार किया गया है।
इसके कारण आम परिवारों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ा है और अधिक लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जवाबदेह शासन का दावा
मान सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नजरअंदाज किया था, लेकिन अब जवाबदेह प्रशासन के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का सीधा फायदा आम लोगों को मिल रहा है और इससे हजारों परिवारों की जिंदगी सुरक्षित हुई है।
