देश में पिछले 12 दिनों के दौरान महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध, सोना-चांदी और रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सीधा असर मिडिल क्लास और आम परिवारों के महीने के बजट पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अब घर चलाना पहले से ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाया दबाव
सबसे ज्यादा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने डाला है। पिछले 12 दिनों में तेल कंपनियां चार बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं। कई शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल भी लगातार महंगा हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इसकी बड़ी वजह है।
CNG ने भी बढ़ाई परेशानी
जो लोग पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए CNG गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे, उन्हें भी अब राहत नहीं मिल रही। पिछले कुछ दिनों में CNG के दाम भी कई बार बढ़ चुके हैं। ऑटो और कैब ड्राइवरों का कहना है कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अब ईंधन पर खर्च हो रहा है। कई शहरों में किराया बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है।
रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ाया
महंगाई का असर अब सीधे किचन तक पहुंच गया है। दूध कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं और कई जगहों पर प्रति लीटर 2 से 4 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा दाल, ब्रेड और दूसरी खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो चुकी हैं। घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के महंगे होने से महिलाओं और गृहिणियों की चिंता बढ़ गई है।
सोना-चांदी खरीदना हुआ मुश्किल
शादी के सीजन में सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों ने लोगों को बड़ा झटका दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की वजह से सोना लगातार महंगा हो रहा है। कई शहरों में सोने का भाव 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच चुका है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब शादी-ब्याह में सोना खरीदना काफी मुश्किल होता जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट महंगा, हर चीज पर असर
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ट्रक ऑपरेटर्स का कहना है कि माल ढुलाई की लागत तेजी से बढ़ी है। इसका असर सब्जियों, राशन, फल और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। बाजार में धीरे-धीरे हर सामान महंगा होता दिखाई दे रहा है।
EMI और खर्च के बीच फंसा मिडिल क्लास
मिडिल क्लास परिवार इस समय सबसे ज्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं। एक तरफ घर और गाड़ी की EMI, बच्चों की फीस और बिजली बिल हैं, तो दूसरी तरफ रोजमर्रा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। कई परिवारों का कहना है कि अब पहले जितने पैसों में महीने का खर्च नहीं चल पा रहा और बचत करना भी मुश्किल हो गया है।
