पंजाब विधानसभा में शिक्षा के मुद्दे पर सरकार की ओर से कई उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और विधायक बुधराम ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई नई पहल की गई हैं। उनके अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
जंडियाला गुरु में स्कूल ऑफ एमिनेंस का जिक्र
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि जंडियाला गुरु क्षेत्र के सरकारी कन्या स्कूल को विशेष प्राथमिकता देते हुए स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाओं का असर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों पर भी दिखाई दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2022 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 250 थी, जो इस वर्ष बढ़कर 509 हो गई है।
JEE और NEET में बढ़ी सफलता
विधायक बुधराम ने विधानसभा में कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान पंजाब के 786 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण की है। वहीं इस वर्ष 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने इसे राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार और विद्यार्थियों को मिल रही बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का परिणाम बताया।
कौशल शिक्षा पर भी विशेष जोर
बुधराम ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य में 40 कौशल शिक्षा स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इन स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक और तकनीकी कौशल भी सिखाए जाएंगे, ताकि भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
