पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकार और पंजाब पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पिछले 15 महीनों के दौरान इस अभियान का फोकस केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नशों के पूरे आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने पर भी जोर दिया गया है।
46 हजार से अधिक FIR और 65 हजार गिरफ्तारियां
अभियान के तहत अब तक 46,937 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 65,884 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि लगातार कार्रवाई के कारण नशा तस्करी से जुड़े कई नेटवर्क प्रभावित हुए हैं और उनके संचालन पर बड़ा असर पड़ा है।
तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई
नशा कारोबार से अर्जित संपत्तियों को निशाना बनाते हुए पुलिस ने 750 नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके अलावा नशों की अवैध कमाई से जुड़े 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी बरामद की गई है। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक स्रोतों पर चोट करने से नशा कारोबार को कमजोर किया जा सकता है।
हवाला नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार
पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े हवाला नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज की है। अभियान के दौरान 65 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 78.8 करोड़ रुपये की रकम बरामद की गई और 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
सप्लाई चेन को तोड़ने पर फोकस
अभियान के तहत केवल नशा बेचने वालों को ही नहीं, बल्कि इसके लिए धन उपलब्ध कराने वालों, पैसों के लेनदेन में शामिल लोगों और पूरी सप्लाई चेन को भी निशाना बनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस रणनीति का उद्देश्य नशा तस्करी की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
लगातार जारी है कार्रवाई
पंजाब पुलिस और संबंधित एजेंसियां राज्यभर में नशा तस्करों और उनसे जुड़े आर्थिक नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं। विभिन्न जिलों में नियमित छापेमारी और जांच के जरिए नशा कारोबार पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं।
