1 जून 2026 से देश के कई बड़े बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का असर सीधे तौर पर लाखों ग्राहकों की जेब और उनके रोजमर्रा के लेनदेन पर पड़ने वाला है। कोटक महिंद्रा बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिवॉर्ड पॉइंट्स, ट्रांजैक्शन फीस, ब्याज दरों और अलर्ट सिस्टम से जुड़े नियमों में बदलाव की घोषणा की है।
कोटक महिंद्रा बैंक ने बदले रिवॉर्ड नियम
कोटक महिंद्रा बैंक ने 1 जून से अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्रोग्राम को और सख्त बना दिया है। अब यूटिलिटी बिल, ईंधन, किराया और बीमा जैसे खर्चों पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की सीमा तय कर दी गई है। इसके साथ ही रिवॉर्ड पॉइंट्स की रिडेम्पशन वैल्यू भी कम कर दी गई है।
इसके अलावा किराए और शिक्षा से जुड़े भुगतानों पर 1 प्रतिशत ट्रांजैक्शन फीस लगाने का फैसला भी लागू हो गया है, जिससे इन श्रेणियों में कार्ड का इस्तेमाल करना पहले की तुलना में महंगा हो सकता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों पर बढ़ेगा ब्याज का बोझ
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने “वन को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड” की ब्याज दर में बढ़ोतरी की है। बैंक के अनुसार बकाया राशि पर लगने वाला मासिक ब्याज 3.49 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नया नियम 23 जून 2026 से प्रभावी होगा।
इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर अधिक पड़ेगा जो समय पर पूरा भुगतान नहीं करते और बकाया राशि को अगले बिलिंग चक्र में ले जाते हैं।
ICICI बैंक ने खत्म किया खास फायदा
ICICI बैंक के Amazon Pay क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा बदलाव किया गया है। 18 जून 2026 से किराए के भुगतान पर मिलने वाला 1 प्रतिशत रिवॉर्ड लाभ बंद कर दिया जाएगा।
इस फैसले के बाद किराया भुगतान के लिए इस कार्ड का उपयोग करने वाले ग्राहकों को पहले जैसी बचत नहीं मिल पाएगी।
HDFC बैंक ने बदला SMS अलर्ट सिस्टम
HDFC बैंक ने लागत प्रबंधन के तहत SMS अलर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। 25 जून 2026 से ग्राहकों को केवल 100 रुपये से अधिक के UPI भुगतान और 500 रुपये से अधिक की प्राप्त राशि पर ही SMS अलर्ट मिलेगा।
हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि सभी ट्रांजैक्शनों की जानकारी ग्राहकों को ईमेल के माध्यम से मिलती रहेगी। इससे छोटे लेनदेन के लिए SMS अलर्ट की संख्या कम हो जाएगी।
आम ग्राहकों पर क्या होगा असर?
नए नियमों के बाद क्रेडिट कार्ड के जरिए किराया, ईंधन, यूटिलिटी बिल और शिक्षा संबंधी भुगतान करने वाले ग्राहकों को कम रिवॉर्ड और कुछ मामलों में अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, ब्याज दरों में बदलाव और अलर्ट सिस्टम में संशोधन से भी बैंक ग्राहकों की वित्तीय योजना और खर्चों पर असर पड़ने की संभावना है। इसलिए कई ग्राहक अब अपने कार्ड के उपयोग के तरीके की समीक्षा कर रहे हैं।
बदलते बैंकिंग नियमों पर बढ़ी नजर
बैंकिंग और डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में बैंकों द्वारा समय-समय पर नियमों में बदलाव भी किए जा रहे हैं। जून महीने की शुरुआत में हुए इन बदलावों ने क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं और बैंक ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि इनका असर सीधे दैनिक वित्तीय गतिविधियों पर पड़ता है।
