कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी, चुनाव और जल संसाधन विभाग पर फोकस
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चुनाव विभाग के कामकाज को और अधिक प्रभावी तथा तेज़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के दौरान विभाग के सेवा नियमों में आवश्यक संशोधनों को मंजूरी दी गई, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
पदोन्नति के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने ‘चुनाव कानूनगो’ से ‘चुनाव तहसीलदार’ के पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से योग्य कर्मचारियों को जल्दी पदोन्नति मिलेगी और विभाग में खाली पड़े पदों को समय पर भरा जा सकेगा।
चुनावी तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
राज्य में आने वाले विधानसभा चुनावों और मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन (SIR) के कार्य को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव तहसीलदारों के पद जल्द भरने से चुनावी प्रक्रियाओं का संचालन अधिक सुचारू ढंग से किया जा सकेगा और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट को मंजूरी
बैठक में जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रबंधन रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। इस रिपोर्ट में विभाग के विभिन्न कार्यों और योजनाओं की प्रगति का विवरण शामिल है। सरकार ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन पर जोर
सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों के कामकाज को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
