सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 1,710 अंकों की गिरावट के साथ 78,528 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी लगभग 476 अंक टूटकर 24,388 के आसपास ओपन हुआ। बाजार की इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शुरुआती कारोबार में भी दबाव
सुबह करीब 9:20 बजे तक बाजार में गिरावट का दबाव जारी रहा। सेंसेक्स लगभग 1,741 अंक नीचे आकर 78,497 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसी तरह निफ्टी 50 भी करीब 463 अंक गिरकर 24,402 के आसपास ट्रेड कर रहा था। इससे साफ है कि बाजार में फिलहाल कमजोरी का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्कता के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं।
कुछ शेयरों में दिखी मजबूती
हालांकि गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में हल्की मजबूती भी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे वे टॉप गेनर की सूची में शामिल रहे।
दूसरी ओर कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। एलएंडटी, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी के कारण ये टॉप लूजर की सूची में शामिल रहे।
पहले भी गिर चुका है बाजार
इससे पहले भी बाजार में कमजोरी का रुख देखने को मिला था। सोमवार के कारोबारी दिन सेंसेक्स करीब 1,048 अंक गिरकर 80,238 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 भी लगभग 313 अंक की गिरावट के साथ 24,865 पर बंद हुआ था।
उस दिन बीएसई के 30 शेयरों में से केवल तीन शेयर ही बढ़त के साथ बंद हुए थे, जबकि बाकी अधिकांश शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी। सन फार्मा और आईटीसी जैसे शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली थी, जबकि इंडिगो, एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, मारुति, एशियन पेंट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दबाव बना रहा।
कई सेक्टरों पर दिखा असर
बाजार में गिरावट का असर कई सेक्टरों पर भी पड़ा है। बैंकिंग, ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स समेत कई सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हो रही है।
वैश्विक संकेत और क्रूड ऑयल पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की चाल पर इस समय वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों का बड़ा असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क हो गया है।
फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों और क्रूड ऑयल की कीमतों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इन कारकों के आधार पर बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।
