3 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 303.67 अंक यानी 0.41 प्रतिशत टूटकर 74,346.17 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, हालांकि अंतिम घंटों में कुछ रिकवरी के चलते नुकसान सीमित हो गया।
सुबह से ही दबाव में रहा बाजार
बुधवार को बाजार की शुरुआत कमजोर संकेतों के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखी गई और एक समय यह 1,000 अंक से अधिक टूट गया था। हालांकि बाद में खरीदारी लौटने से बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की और दिन के अंत तक काफी नुकसान की भरपाई कर ली।
आईटी शेयरों ने बढ़ाया दबाव
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर असर पड़ा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी शेयरों में बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये पर दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी बाजार को प्रभावित किया।
दिन में हुई जोरदार वापसी
हालांकि कारोबार के दौरान बाजार में सुधार भी देखने को मिला। कुछ रिपोर्ट्स के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा और सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 850 से 900 अंक तक संभल गया। बैंकिंग और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निवेशकों की नजर अगले कदम पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आर्थिक नीतियों से जुड़े फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सेंसेक्स का 74,346.17 पर बंद होना यह दिखाता है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों की नजर हर नए आर्थिक संकेत पर टिकी हुई है।
