भारतीय शेयर बाजार के लिए नए सप्ताह की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रह सकती है। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए जाने के बावजूद बाजार मजबूती नहीं दिखा पाया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। अब सोमवार के कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी में 350 अंकों से अधिक की कमजोरी दिखाई दे रही है, जिससे बाजार के गैप-डाउन खुलने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली
वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 में 2.64 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि तकनीकी कंपनियों पर आधारित नैस्डैक इंडेक्स 4.18 प्रतिशत टूट गया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 1.35 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यह गिरावट निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
टेक और एआई शेयरों में दबाव
अमेरिकी बाजार में सबसे ज्यादा दबाव टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में देखने को मिला। पिछले कई महीनों से तेजी का नेतृत्व कर रहे इन शेयरों में अचानक आई बिकवाली ने पूरे बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसका असर वैश्विक निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा है।
अमेरिकी जॉब डेटा बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। मजबूत जॉब डेटा से यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। बाजार में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर तक 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का असर कंपनियों की कमाई, निवेश और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
ट्रेजरी यील्ड में तेजी
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो शेयर बाजार अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाता है, जिससे इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।
VIX इंडेक्स में उछाल
बाजार में डर और अनिश्चितता को मापने वाला VIX इंडेक्स एक ही दिन में 39 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। यह संकेत देता है कि निवेशक आने वाले दिनों में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका देख रहे हैं। बढ़ती अस्थिरता के कारण मुनाफावसूली भी तेज हुई है।
पश्चिम एशिया के तनाव का असर
आर्थिक कारणों के अलावा भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है। अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर जारी असमंजस भी वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित कर रहा है।
भारतीय बाजार पर नजर
सोमवार को निवेशकों की नजर भारतीय बाजार के शुरुआती कारोबार पर रहेगी। वैश्विक संकेत कमजोर रहने के कारण बैंकिंग, आईटी और अन्य प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखने को मिल सकता है। साथ ही विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा भी दिनभर बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
