लुधियाना में शनिवार सुबह उस समय लोगों का ध्यान एक अलग दृश्य ने खींचा, जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस बिना किसी बड़े सरकारी काफिले के डीएमसी अस्पताल के आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण करने पहुंचे। आम दिनों की तरह अस्पताल के बाहर एम्बुलेंसों की आवाजाही, मरीजों के परिजनों की भीड़ और सड़क किनारे दुकानदारों की गतिविधियां जारी थीं, लेकिन मंत्री के अचानक पहुंचने से माहौल चर्चा का विषय बन गया।
सफाई कर्मचारियों के बीच बैठकर की बातचीत
निरीक्षण के दौरान मंत्री सीधे उस टीम के पास पहुंचे जो सड़क और आसपास के क्षेत्र की सफाई में जुटी हुई थी। उन्होंने किसी औपचारिक बैठक की बजाय सफाई कर्मचारियों के साथ सड़क किनारे बैठकर बातचीत करना बेहतर समझा। एक छोटा स्टूल खींचकर वह कर्मचारियों के बीच बैठ गए और चाय मंगवाकर उनसे खुलकर चर्चा की।
करीब 20 मिनट तक चली इस बातचीत में सफाई कर्मचारियों ने अपने काम से जुड़ी कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने सफाई व्यवस्था, सीवरेज और जल निकासी से जुड़ी चुनौतियों के साथ-साथ काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर भी अपने विचार रखे।
जमीनी स्तर से फीडबैक लेने पर जोर
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखने वाले कर्मचारी ही सबसे अच्छी तरह बता सकते हैं कि व्यवस्था को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। उनके अनुसार दफ्तरों में बैठकर बनाई गई योजनाओं की तुलना में मैदान में काम करने वाले कर्मचारियों का अनुभव अधिक महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि सफाई सेवक रोजाना शहर की वास्तविक स्थिति को करीब से देखते हैं, इसलिए उनकी राय और सुझाव प्रशासन के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने कर्मचारियों से सीधे संवाद करने का फैसला किया।
मिशन क्लीन पंजाब को लेकर साझा किया दृष्टिकोण
बातचीत के दौरान मंत्री ने “मिशन क्लीन पंजाब” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केवल नियम, नोटिस या जुर्माने लगाकर किसी शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए उन लोगों का सम्मान करना भी जरूरी है जो हर दिन सफाई व्यवस्था को संभालते हैं।
उनका कहना था कि सफाई कर्मचारियों की मेहनत शहरों को रहने योग्य और स्वच्छ बनाती है। यदि इन कर्मचारियों को उचित सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण मिले, तो सफाई व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर सरकार का फोकस
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सफाई कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल शहरों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उन कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार लाना भी है जो इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने भी मंत्री के इस अनौपचारिक संवाद को सकारात्मक पहल बताया, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधे बातचीत का अवसर देखने को मिला।
