एलन मस्क की अंतरिक्ष और सैटेलाइट तकनीक से जुड़ी कंपनी SpaceX ने अमेरिकी शेयर बाजार में इतिहास रच दिया है। कंपनी का आईपीओ टेक शेयरों के प्रमुख इंडेक्स Nasdaq पर शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। इस लिस्टिंग ने न केवल निवेशकों को बड़ा फायदा दिया, बल्कि एलन मस्क को दुनिया का पहला आधिकारिक खरबपति भी बना दिया।
IPO से जुटाए रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर
SpaceX ने अपने आईपीओ के जरिए करीब 75 अरब डॉलर यानी लगभग 6.4 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह किसी भी कंपनी द्वारा आईपीओ से जुटाई गई सबसे बड़ी रकम मानी जा रही है। इसके साथ ही कंपनी ने साल 2019 में बने सऊदी अरामको के 29.4 अरब डॉलर के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। निवेशकों की भारी मांग ने इस आईपीओ को वैश्विक बाजार की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल कर दिया।
11% प्रीमियम पर हुई शेयरों की शुरुआत
कंपनी के शेयर 135 डॉलर के इश्यू प्राइस के मुकाबले 150 डॉलर प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले ही दिन करीब 11 प्रतिशत का फायदा मिला। कारोबार के दौरान शेयर 176 डॉलर के उच्च स्तर तक भी पहुंच गया। इस तेज उछाल ने कंपनी के बाजार मूल्य को 2 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 170 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा दिया।
एलन मस्क की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी
SpaceX की सफल लिस्टिंग का सबसे बड़ा फायदा कंपनी के संस्थापक एलन मस्क को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी संपत्ति में एक ही दिन में 188 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद उनकी कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 94.6 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में और भी मजबूत स्थिति में ले गई है।
SpaceX बनी मस्क की सबसे मूल्यवान कंपनी
एलन मस्क के पास SpaceX में लगभग 38 से 42 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जाती है। कंपनी की वैल्यू में आई भारी बढ़ोतरी के बाद अब SpaceX, मस्क की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी Tesla से भी अधिक मूल्यवान बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिक्ष तकनीक, सैटेलाइट इंटरनेट और भविष्य की एआई परियोजनाओं ने कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
Microsoft और Apple के क्लब में शामिल
SpaceX का मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचने के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो गई है। अब कंपनी का नाम Microsoft और Apple जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ लिया जा रहा है। लिस्टिंग के बाद शेयरों में करीब 19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसने वॉल स्ट्रीट के इतिहास में इसे सबसे सफल आईपीओ में से एक बना दिया।
