सांसद मालविंदर सिंह कंग ने हजूर साहिब मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा, धार्मिक स्वायत्तता की उठाई आवाज
आम आदमी पार्टी के सांसद Malvinder Singh Kang ने तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब से जुड़े मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित बदलाव सिख धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकते हैं और इससे समुदाय की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।
नांदेड़ एक्ट को लेकर उठाए सवाल
मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि 70 वर्ष पुराने नांदेड़ एक्ट में बदलाव और प्रबंधन व्यवस्था में हस्तक्षेप की कोशिशों को लेकर सिख समुदाय में चिंता है। उनका आरोप है कि इससे पारंपरिक धार्मिक संस्थाओं की भूमिका कमजोर हो सकती है और लंबे समय से चली आ रही व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर जोर
सांसद ने कहा कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पांच पवित्र तख्तों में से एक है और इसकी स्वतंत्र पहचान तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों का संचालन समुदाय की मान्यताओं और स्थापित व्यवस्थाओं के अनुरूप होना चाहिए।
सिख समुदाय से एकजुट रहने की अपील
मालविंदर सिंह कंग ने सिख समुदाय से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि धार्मिक अधिकारों और संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सभी को साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक धार्मिक संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वायत्तता और संवैधानिक मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
सांसद ने महाराष्ट्र सरकार और भाजपा से इस मामले में पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से बचना चाहिए और सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि समुदाय की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान बना रहे।
