देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। लेकिन केवल ईंधन ही नहीं, पिछले करीब 15 दिनों में कई जरूरी घरेलू सामानों के दाम भी बढ़ गए हैं। इसका असर सीधे हर परिवार के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
FMCG उत्पादों की कीमतों में इजाफा
कच्चे माल और पैकेजिंग लागत बढ़ने के कारण कई बड़ी FMCG कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। साबुन, डिटर्जेंट और टूथपेस्ट जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले उत्पाद अब पहले से महंगे हो गए हैं। Dove और Pears जैसे प्रीमियम साबुनों की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं डिटर्जेंट की कीमतें भी 5 से 11 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। कई टूथपेस्ट ब्रांड्स ने भी अपने दाम बढ़ाए हैं।
दूध और डेयरी उत्पादों ने बढ़ाई चिंता
दूध की बढ़ती कीमतों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अमूल गोल्ड के एक लीटर पैक की कीमत 68 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हो गई है। वहीं अमूल ताजा अब 55 रुपये की जगह 57 रुपये में मिल रहा है। मदर डेयरी के फुल क्रीम दूध और भैंस के दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे हर दिन दूध खरीदने वाले परिवारों का खर्च बढ़ गया है।
रसोई का खर्च भी बढ़ा
खाना बनाना भी पहले की तुलना में महंगा हो गया है। बाजार में खुले चावल और दालों की कीमतों में प्रति किलो 5 से 7 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है। खाद्य तेलों के दाम भी बढ़े हैं, जिससे रसोई का बजट प्रभावित हुआ है। घरेलू महिलाओं का कहना है कि महीने का राशन पहले की तुलना में अधिक महंगा पड़ रहा है।
सब्जियों के दामों में तेज उछाल
पिछले कुछ दिनों में सब्जियों की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। टमाटर, जो पहले 30 से 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, अब 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। प्याज, अदरक, हरी मिर्च और नींबू के दाम भी बढ़े हैं। इसके अलावा आलू, बैंगन और भिंडी जैसी सब्जियां भी महंगी हुई हैं।
होटल और रेस्टोरेंट में खाना हुआ महंगा
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ा है। बढ़ती लागत को देखते हुए कई रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं। बाहर खाना खाने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है। महंगाई का यह असर धीरे-धीरे हर क्षेत्र में दिखाई देने लगा है।
