पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब से राजनीतिक नियुक्तियों के संबंध में लिए गए फैसले अब पूरी संगत के सामने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े धार्मिक पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उनके खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही लोग पहले सवाल उठाते थे कि संबंधित कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा है। लेकिन अब जब कानून लागू हो गया है, तो वही लोग इसके विरोध में खड़े हैं। उनके अनुसार, इसका कारण यह है कि इस कानून के तहत सबसे पहले उन्हीं राजनीतिक नेताओं और उनके सहयोगियों की जवाबदेही तय हो सकती है।
भगवंत मान ने कहा कि कुछ लोगों ने 2 दिसंबर को अपने गुनाह स्वीकार किए थे, लेकिन बाद में अपने बयानों से मुकर गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो इसे पक्षपात नहीं तो और क्या कहा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में आखिरी फैसला गुरु-रूप साध-संगत ही करेगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार और वे स्वयं हमेशा पंजाब और पंजाब के लोगों की भलाई तथा विकास के लिए समर्पित रहेंगे।
