17 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती दिखाई। बीएसई सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,155.62 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला, लेकिन अंत में निवेशकों की खरीदारी हावी रही और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती प्रदान की। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में स्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। इन कारणों से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा।
बैंकिंग और आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी
आज के कारोबार में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। कई बड़े निजी बैंकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के कुछ शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति में बढ़ोतरी
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार चौथे दिन आई तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है। बाजार में सकारात्मक माहौल के चलते कई कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। छोटे और मझोले शेयरों में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे व्यापक बाजार मजबूत बना रहा।
विदेशी निवेशकों की भूमिका अहम
हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की सक्रियता बढ़ी है। विदेशी फंडों की लगातार खरीदारी से बाजार को मजबूत आधार मिल रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और बेहतर कॉर्पोरेट प्रदर्शन आने वाले समय में बाजार को और समर्थन देंगे।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
