भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ धमाकेदार बल्लेबाजी कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
चौके-छक्कों की बारिश
वैभव ने अपनी फिफ्टी तक पहुंचने के लिए 5 चौके और 5 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पहली 11 गेंदों में केवल एक गेंद डॉट खेली। चौथे ओवर में ही उन्होंने अर्धशतक पूरा कर लिया और उस समय भारतीय टीम का स्कोर 4 ओवर में 76 रन पहुंच चुका था। उन्होंने लगातार बड़े शॉट लगाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
टूटा पुराना रिकॉर्ड
लिस्ट ए क्रिकेट में इससे पहले सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड 12 गेंदों में बना था, लेकिन वैभव ने 11 गेंदों में पचास रन बनाकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस पारी को युवा क्रिकेट के सबसे आक्रामक प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
आलोचकों को दिया जवाब
पूरी ट्राई सीरीज के दौरान वैभव सूर्यवंशी पर सभी की नजरें थीं। इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के बाद उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि शुरुआती चार मैचों में उनके स्कोर 14, 44, 21 और 38 रहे थे। ऐसे में फाइनल में खेली गई यह पारी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
शतक से चूके वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली। जब वह आउट हुए, तब भारत का स्कोर केवल 8.5 ओवर में 132 रन पहुंच चुका था। हालांकि वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए। दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल 2026 और इस मैच को मिलाकर पिछली सात पारियों में यह तीसरी बार है जब वैभव 90 के पार पहुंचकर शतक से चूक गए। इससे पहले वह गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाकर आउट हुए थे।
