पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पंजाब के सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका असर गांवों और शहरों तक दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए प्रशासन और पुलिस को पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ काम करना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और अभियान लगातार गति के साथ आगे बढ़े।
ड्रग तस्करों पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया कि राज्य सरकार ड्रग तस्करों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों के खिलाफ बिना किसी दबाव या भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना सरकार का लक्ष्य है।
युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे कानून लागू करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से पंजाब को नशा मुक्त बनाकर विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
