चंडीगढ़, 30 सितंबर 2026: पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और विभिन्न कार्यबल से जुड़े वर्गों की जायज़ मांगों के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। कर्मचारी मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के प्रमुख और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और कल्याण एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।

बैठकों में संयुक्त दिव्यांग मोर्चा पंजाब, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड एम्प्लॉइज़ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स एंड लेबर यूनियन, मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब और नेत्रहीन एकता पंजाब एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधिमंडलों ने कैबिनेट सब-कमेटी के समक्ष अपने मांग-पत्र सौंपे और प्रशासनिक, सेवा, रोजगार तथा कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
‘खुले दरवाज़े’ की नीति पर जोर
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिनिधिमंडलों की मांगों को विस्तार से सुना और संबंधित मुद्दों को दर्ज किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ खुले संवाद और पारदर्शी तरीके से बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
चीमा ने कहा कि राज्य के कामकाज में कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों के कार्यबल के योगदान को सरकार मान्यता देती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज़ मांगों की मौजूदा नीतियों और नियमों के अनुसार सकारात्मक दृष्टिकोण से जांच की जाएगी।
विभागों को समयबद्ध जांच के निर्देश
वित्त मंत्री ने संबंधित प्रशासनिक विभागों को कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशनों की ओर से सौंपे गए मांग-पत्रों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। विभागों से कहा गया कि मौजूदा नियमों और नीतियों के तहत प्रत्येक मामले का मूल्यांकन करते हुए व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों की समयबद्ध तरीके से जांच करने के निर्देश भी दिए, ताकि जायज़ चिंताओं का उचित निपटारा किया जा सके।
कर्मचारी प्रतिनिधियों से जारी रहेगा संवाद
हरपाल चीमा ने कहा कि कैबिनेट सब-कमेटी कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए व्यावहारिक और नीति के अनुरूप समाधान तलाशने का प्रयास जारी रहेगा।
पंजाब सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों और उनसे जुड़े सामाजिक मुद्दों को बातचीत, पारदर्शिता और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण के माध्यम से हल करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
