30 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स करीब 250 अंक गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,900 के नीचे बंद हुआ। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कारोबार के अंतिम घंटों में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज की गिरावट में आईटी सेक्टर सबसे कमजोर रहा। कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार पर दबाव बना। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों के कारण इस सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां एक ओर आईटी कंपनियों के शेयर टूटे, वहीं कुछ ऑटो और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। खास तौर पर कुछ बड़े ऑटो शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन उनका असर पूरे बाजार को हरे निशान में नहीं ला सका।
मासिक एक्सपायरी से बढ़ी बाजार की हलचल
30 जून को मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी होने के कारण बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसे दिनों में ट्रेडर्स की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे शेयरों में तेज़ खरीदारी और बिकवाली होती है। इसी वजह से कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
जून महीने का प्रदर्शन रहा सकारात्मक
हालांकि आज बाजार में गिरावट रही, लेकिन पूरे जून महीने की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने बढ़त दर्ज की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बैंकिंग सेक्टर का अच्छा प्रदर्शन और भारतीय रिज़र्व बैंक के कुछ कदमों ने पूरे महीने बाजार को सहारा दिया। हालांकि आईटी सेक्टर पूरे महीने निवेशकों के लिए कमजोर कड़ी बना रहा।
