Satluj अभिनेता दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म है, जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित बताई जाती है। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया में अटकी रही और हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के कुछ ही समय बाद भारत में हटा दी गई, जिसके बाद इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई।
मलविंदर सिंह कंग ने जताई आपत्ति
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने फिल्म को OTT से हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कंग का आरोप है कि केंद्र सरकार का रवैया भेदभावपूर्ण है और जिन फिल्मों से राजनीतिक लाभ मिलता है, उन्हें मंजूरी दी जाती है, जबकि पंजाब के इतिहास से जुड़े संवेदनशील विषयों पर आधारित फिल्मों को लोगों तक पहुंचने से रोका जाता है।
‘सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता’
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब में युवाओं के नरसंहार से जुड़े मुद्दों और ऐतिहासिक घटनाओं की सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए। उनका कहना है कि किसी फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाने से इतिहास या उससे जुड़े सवाल खत्म नहीं हो जाते। उन्होंने फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे विषयों पर खुली चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए।
