अभिनेता दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जाती है। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया और रिलीज से जुड़े विवादों में रही। हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के कुछ समय बाद इसे भारत में हटा दिया गया, जिसके बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के विधायक और मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने फिल्म को OTT से हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म से भारतीय जनता पार्टी को क्या आपत्ति है। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि फिल्म को हटाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं और इससे लोगों तक एक ऐतिहासिक विषय पहुंचने से रोका जा रहा है।
कांग्रेस और अकाली दल पर भी लगाए आरोप
कुलदीप सिंह धालीवाल ने अपने बयान में कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा ने उस दौर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की कांग्रेस सरकार के दौरान कई गंभीर घटनाएं हुईं। साथ ही उन्होंने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि अकाली दल को भी जनता को बताना चाहिए कि सुमेध सैनी जैसे अधिकारियों को पदोन्नति और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां किस आधार पर दी गईं। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को रोकने से इतिहास और उससे जुड़े सवाल समाप्त नहीं हो जाते तथा ऐसे विषयों पर खुली चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए।
