पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी खेती को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सरकार का जोर फलों, सब्जियों, फूलों और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती बढ़ाने पर है, ताकि किसान कम क्षेत्र में अधिक आमदनी हासिल कर सकें। हाल ही में जारी जानकारी के अनुसार, राज्य में बागवानी के तहत आने वाला क्षेत्र बढ़कर लगभग 5.21 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिसे सरकार की किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक परिणाम बताया जा रहा है।
किसानों की खुशहाली से ही राज्य की तरक्की
कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसान खुशहाल होगा तो पूरा प्रदेश भी खुशहाल होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
युवाओं का बढ़ रहा रुझान, रोजगार के अवसर भी बढ़े
महिंदर भगत ने कहा कि बागवानी खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रही है। बड़ी संख्या में युवा अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक बागवानी, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
फसल विविधीकरण पर सरकार का विशेष जोर
राज्य सरकार लगातार किसानों को धान-गेहूं के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलकर फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। बागवानी मिशन, आधुनिक कृषि तकनीकों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं के जरिए खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि फसल विविधीकरण से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी मजबूती मिलेगी।
