9 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद मजबूत वापसी की। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 238.22 अंकों यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 80.75 अंक चढ़कर 23,962.80 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन आखिरी घंटों में खरीदारी बढ़ने से सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
रियल्टी, पीएसयू बैंक और फार्मा शेयरों ने दिखाई ताकत
आज के कारोबार में रियल्टी, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सन फार्मा, भारती एयरटेल और कुछ अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया। दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा दवा कंपनियों के शेयरों में कमजोरी भी रही, लेकिन उसका असर पूरे बाजार पर ज्यादा नहीं पड़ा। व्यापक बाजार में भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाले रहे कई बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई कारण रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक तनाव को लेकर कुछ राहत भरे संकेतों ने भी बाजार की धारणा को बेहतर बनाया।
दिनभर रहा उतार-चढ़ाव, अंत में खरीदार रहे हावी
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में हलचल बनी रही। शुरुआती घंटों में सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़ गया था। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन अंतिम चरण में फिर खरीदारी बढ़ी और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से काफी अधिक रही, जिससे बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा।
अब निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि सकारात्मक संकेत जारी रहे तो बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
