पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को 17वें दिन में पहुंच गई। उन्होंने 28 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में अनशन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
लगातार बिगड़ रही है स्वास्थ्य स्थिति
लंबे समय से भोजन न लेने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार उनका वजन 8 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर भी चिंताजनक रूप से कम हो गया है। प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी शारीरिक कमजोरी बढ़ती जा रही है, हालांकि वह अब भी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
प्रमुख हस्तियों ने की अनशन समाप्त करने की अपील
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए कई प्रमुख हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने चिंता जताई है। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन अधिक महत्वपूर्ण है। वहीं अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और लेखिका अरुंधति रॉय सहित कई अन्य सार्वजनिक हस्तियों ने भी सरकार से बातचीत शुरू करने और वांगचुक से अपनी सेहत का ध्यान रखने का आग्रह किया है।
सरकार से संवाद की मांग तेज
विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ जल्द बातचीत करनी चाहिए। दूसरी ओर, वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिसके कारण आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ती जा रही हैं।
