सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 440 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 77,708.52 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 24,250 के नीचे बंद हुआ। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सोमवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया और पूरे दिन बाजार लाल निशान में कारोबार करता रहा।
बैंकिंग शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
आज की गिरावट में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। कई बड़े बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर असर पड़ा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करना बेहतर समझा। इसी वजह से बैंकिंग सेक्टर में अधिक दबाव देखने को मिला और बाजार की चाल कमजोर हो गई।
वैश्विक संकेतों का भी दिखा असर
घरेलू बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी प्रभाव पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। रुपये में आई हल्की कमजोरी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
कुछ सेक्टरों ने दिखाई मजबूती
हालांकि पूरे बाजार में दबाव रहा, लेकिन सभी सेक्टरों में गिरावट नहीं दिखी। फार्मा और ऊर्जा क्षेत्र के कुछ शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों की मजबूती के कारण बाजार में गिरावट और अधिक गहरी नहीं हो सकी। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक अभी भी चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं।
इस सप्ताह इन बातों पर रहेगी नजर
बाजार की आगे की दिशा अब कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों पर काफी हद तक निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर बैंकिंग, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और फार्मा कंपनियों के परिणामों पर रहेगी। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की चाल भी आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
