पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा कर युवाओं के बीच संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन इसी बीच CBI के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
संजीव मुखिया मामले का किया जिक्र
हरपाल चीमा ने अपने बयान में कहा कि CBI ने अदालत में बताया है कि NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा था, उसके खिलाफ सबूत नहीं मिलने से सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
‘फास्ट ट्रैक कोर्ट का ड्रामा क्यों?’
चीमा ने कहा कि यदि आरोपियों को जांच के दौरान क्लीन चिट मिलनी है, तो फिर फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा का क्या औचित्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्याय की बजाय राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की थी कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं CBI ने स्पष्ट किया है कि उसकी जांच में संजीव मुखिया की संलिप्तता का कोई साक्ष्य नहीं मिला, हालांकि मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
