पंजाब सरकार ने ठेके पर काम करने वाले सफाई सेवकों और सीवरमैन के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने इन कर्मचारियों के मासिक मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद राज्यभर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल भी समाप्त हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम सफाई कर्मचारियों के सम्मान, गरिमा और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
पूरे दिन चली बैठक के बाद बनी सहमति
यह निर्णय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में हुई लंबी बैठक के बाद लिया गया। बैठक में पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल, पंजाब दलित विकास बोर्ड के चेयरमैन विजय दानव और सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बातचीत सकारात्मक रही और सभी पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद यूनियन ने अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
अब मिलेगा ₹20,500 मासिक मानदेय
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 1 अगस्त 2026 से शहरी स्थानीय निकायों और नगर सुधार ट्रस्टों के तहत अनुबंध पर कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैन को हर महीने ₹20,500 का मानदेय मिलेगा। यह राशि नियमित कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि के दौरान मिलने वाले मासिक वेतन के बराबर होगी। सरकार का मानना है कि इससे हजारों सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
पहले की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार ने बताया कि कुछ समय पहले तक इन कर्मचारियों को केवल ₹10,500 प्रति माह मिलते थे। बाद में इसे बढ़ाकर ₹14,000 किया गया और अब एक बार फिर बड़ी वृद्धि करते हुए इसे ₹20,500 कर दिया गया है। सभी शहरी स्थानीय निकायों और नगर सुधार ट्रस्टों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 1 अगस्त से इस नई वेतन व्यवस्था को तुरंत लागू करें।
बरनाला घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बरनाला में हाल ही में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। सरकार का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी सोच के साथ यह फैसला लिया गया है।
