आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों, बेअदबी के मामलों और प्रस्तावित कानून को लेकर पंजाब सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी धार्मिक संस्था के अधिकारों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बेअदबी की घटनाओं को रोकना है।
पहचान नंबर लगाने का अधिकार SGPC के पास
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों पर विशेष पहचान नंबर (यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर) लगाने का अधिकार पूरी तरह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकार क्षेत्र में आता है। पंजाब सरकार इस व्यवस्था में कोई दखल नहीं देना चाहती और SGPC के अधिकारों का पूरा सम्मान करती है।
जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर करेगी संपर्क
उन्होंने बताया कि यदि किसी बेअदबी मामले की जांच के दौरान जरूरत पड़ती है तो जांच एजेंसियां सीधे SGPC से संपर्क करेंगी। इससे जांच प्रक्रिया भी पारदर्शी रहेगी और धार्मिक मर्यादाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
अवैध छपाई करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
सांसद कंग ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अनधिकृत छपाई या प्रकाशन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
सरकार का उद्देश्य बेअदबी रोकना
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की मंशा SGPC के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करना नहीं है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना, दोषियों को कड़ी सजा दिलाना और पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी व्यक्ति या संस्था को पावन बाणी के प्रचार-प्रसार से रोकना नहीं चाहती।
राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग
मलविंदर सिंह कंग ने बताया कि इस विषय पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी है। पंजाब सरकार चाहती है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और सुरक्षा से जुड़ा कानून केवल पंजाब तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे देश में एक समान रूप से लागू किया जाए, ताकि पवित्र स्वरूपों की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जा सके।
