सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स 166.49 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,094.64 अंक पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटों में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स हरे निशान में बंद होने में सफल रहा। इस तेजी से निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दिया।
खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
कारोबार के दौरान बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कई प्रमुख कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और निवेशकों की सकारात्मक सोच ने बाजार को ऊपर बनाए रखा। विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी रही, जिससे पूरे दिन कारोबार में हलचल बनी रही।
वैश्विक संकेतों का भी दिखा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को समर्थन दिया। एशियाई बाजारों में स्थिरता और वैश्विक आर्थिक माहौल को लेकर बेहतर उम्मीदों का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। हालांकि निवेशक अभी भी वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इनका सीधा असर शेयर बाजार की चाल पर पड़ सकता है।
निवेशकों की रणनीति रही संतुलित
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस समय निवेशक बहुत सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं। वे मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों और अच्छे भविष्य वाली कंपनियों के शेयरों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। छोटे और मध्यम निवेशकों ने भी चुनिंदा सेक्टरों में निवेश जारी रखा, जिससे बाजार को मजबूती मिली। बाजार में मुनाफावसूली भी देखने को मिली, लेकिन खरीदारी का दबाव अधिक रहने से बढ़त कायम रही।
अब नजर आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों, महंगाई से जुड़े आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर रहेगी। इसके अलावा रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसले भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सकारात्मक संकेत जारी रहते हैं तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है।
