पंजाब में हाल ही में सामने आए फार्मेसी परीक्षा से जुड़े कथित नकल मामले को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार इस मामले का कथित मास्टरमाइंड हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है। उन्होंने दावा किया कि मामले में सामने आए 13 कथित हैंडलरों में से 8 हरियाणा और राजस्थान से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऐसे में हरियाणा सरकार को पहले अपने राज्य में सक्रिय ऐसे नेटवर्कों पर जवाब देना चाहिए।
‘पहले अपने राज्य की जांच कराए हरियाणा’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि इस तरह का अंतरराज्यीय नेटवर्क हरियाणा से संचालित हो रहा था, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वहां पहले इस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि हरियाणा और राजस्थान में आयोजित भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और किन-किन परीक्षाओं पर इसका असर पड़ा।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था का किया बचाव
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए गए हैं। उनके अनुसार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सुधारों से राजनीतिक रूप से परेशान विपक्ष पंजाब की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है।
NEET पेपर लीक का भी किया जिक्र
शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में NEET पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता और सही दिशा में काम करने दिया जाता, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी राज्यों में सक्रिय नकल गिरोहों के खिलाफ निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर सरकार का जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, ताकि युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।
