₹10 लाख के हेल्थ कार्ड से बची नवजात की जान, मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी परिवार का सहारा
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत लोगों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा मिल रही है। सरकार के अनुसार, अब तक लाखों हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लाखों मरीज सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं। योजना के दायरे का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
27वें सप्ताह में जन्मी बच्ची के लिए बनी जीवनदायिनी
इस योजना का एक और उदाहरण नवांशहर में सामने आया। यहां 27वें सप्ताह में समय से पहले जन्मी एक बच्ची, जिसका वजन जन्म के समय केवल 700 ग्राम था, गंभीर हालत में थी। फेफड़े पूरी तरह विकसित न होने के कारण उसे तुरंत सूचीबद्ध निजी अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में भर्ती किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में लगातार इलाज शुरू किया गया।
करीब ₹3 लाख का इलाज पूरी तरह मुफ्त
डॉक्टरों की टीम ने लगभग 50 दिनों तक बच्ची का विशेष इलाज किया। इस दौरान वेंटिलेटर सपोर्ट, दवाइयों, पोषण और लगातार निगरानी जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इलाज पर करीब 3 लाख रुपये का खर्च आया, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत परिवार को एक भी रुपये का भुगतान नहीं करना पड़ा। पूरा उपचार कैशलेस तरीके से किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने योजना की उपलब्धियां गिनाईं
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार इलाज के खर्च के कारण परेशानी में न पड़े। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में योजना के तहत हजारों नवजात शिशुओं और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया है। सरकार के अनुसार, नवजात शिशुओं के इलाज पर करोड़ों रुपये के दावे योजना के तहत निपटाए जा चुके हैं।
परिवार ने जताया सरकार और डॉक्टरों का आभार
बच्ची के परिजनों ने बताया कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं था। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ नहीं मिलता, तो इलाज कराना बेहद कठिन हो जाता। समय पर मिले कैशलेस उपचार और डॉक्टरों की देखरेख से बच्ची की हालत में लगातार सुधार हुआ और अब वह स्वस्थ होकर घर लौट सकी।
