पंजाब में वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार के अनुसार, इस अवधि में पंजाब का सकल GST राजस्व 20 प्रतिशत बढ़कर 10,447.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सरकार का कहना है कि बेहतर कर अनुपालन, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सकारात्मक असर राजस्व संग्रह पर दिखाई दे रहा है।
जुलाई में भी बढ़ा टैक्स कलेक्शन
जुलाई 2026 के दौरान पंजाब में GST संग्रह 2,614.45 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष जुलाई में प्राप्त 2,413.91 करोड़ रुपये की तुलना में 200.54 करोड़ रुपये अधिक है। लगातार बढ़ते कर संग्रह को राज्य की आर्थिक गतिविधियों में सुधार और कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तकनीक और निगरानी से मिली सफलता
राज्य सरकार का कहना है कि टैक्स संग्रह बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली, खुफिया जानकारी के आधार पर जांच और कर चोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। फर्जी बिलिंग और टैक्स धोखाधड़ी पर लगातार सख्ती की जा रही है, जिससे राजस्व में सुधार देखने को मिला है। सरकार का मानना है कि इससे ईमानदारी से कर चुकाने वाले कारोबारियों को भी लाभ मिल रहा है।
ईमानदार करदाताओं को मिल रही राहत
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि जहां एक ओर टैक्स चोरी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को समय पर GST रिफंड उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बनाना है, ताकि उद्योग, व्यापार और राज्य की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती मिल सके।
