मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान अब 17 महीने पूरे कर चुका है। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राज्य में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, युवाओं को नशे से बचाना और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना है। अभियान के दौरान पुलिस ने लगातार विशेष अभियान चलाकर कई जिलों में कार्रवाई की है।
17 महीनों में हजारों मामलों में कार्रवाई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 17 महीनों के दौरान 54,916 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस अवधि में 75,102 कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान 21.64 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। सरकार का दावा है कि संगठित नशा तस्करी के नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और कई बड़े तस्करों तक भी पुलिस पहुंचने में सफल रही है।
तकनीक और खुफिया सूचना का इस्तेमाल
पंजाब पुलिस ने अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचना और विशेष टीमों की मदद से कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे राज्य में निगरानी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही अवैध संपत्तियों और ड्रग मनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।
नशामुक्त पंजाब बनाने पर जोर
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, पुनर्वास और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि सख्त कानून प्रवर्तन और जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त पंजाब की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।
