लुधियाना में आयोजित बैठक के दौरान पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने विलेज डिफेंस कमेटियों (VDC) के स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन बनाने में इन कमेटियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बैठक में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और अभियान को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
13 हजार कमेटियां, एक लाख से अधिक सदस्य सक्रिय
अमन अरोड़ा ने बताया कि पूरे पंजाब में करीब 13 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां काम कर रही हैं, जिनसे एक लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये स्वयंसेवक अपने-अपने गांवों में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत बना रहे हैं। उनके अनुसार यह नेटवर्क सरकार और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा है।
50 हजार लोगों को मिली ऐप की ट्रेनिंग
बैठक में बताया गया कि अब तक 50 हजार से अधिक लोगों को संबंधित मोबाइल ऐप के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका उद्देश्य लोगों को नशे से जुड़ी जानकारी साझा करने और अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि तकनीक के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ने से अभियान को और मजबूती मिलेगी।
घर-घर तक जागरूकता पहुंचाने की अपील
अमन अरोड़ा ने स्वयंसेवकों से अपील की कि अब नशे के खिलाफ जागरूकता को हर गांव और हर घर तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की साझी जिम्मेदारी है। सभी लोगों के सहयोग और एकजुट प्रयासों से पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
