शेयर बाजार ने 6 अगस्त को लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 11.35 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,636 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन आखिरी घंटे में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
इन कारणों से बाजार को मिला सहारा
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के जून तिमाही के बेहतर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत की उम्मीद बनी, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
रिलायंस ने बाजार को दी मजबूती
आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। कंपनी के शेयरों में मजबूत खरीदारी से सेंसेक्स को अच्छी बढ़त मिली। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में भी निवेशकों ने खरीदारी की। दूसरी ओर ऑटो, आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के कई शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे निफ्टी की बढ़त सीमित रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख
बाजार के व्यापक हिस्से में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। स्मॉलकैप शेयरों में लगातार दूसरे दिन मजबूती बनी रही और कई शेयर नए उच्च स्तर पर पहुंचे। वहीं मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े शेयरों के साथ चुनिंदा छोटे शेयरों में भी अवसर तलाश रहे हैं।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर
बाजार पर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय माहौल सकारात्मक बना रहता है और कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं, तो बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
