आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया से जुड़े नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत यदि सरकार किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी पोस्ट को हटाने का निर्देश देती है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म को तीन घंटे के भीतर उस सामग्री को हटाना होगा। इस समयसीमा से जुड़े संशोधित नियम सरकार की ओर से लागू किए गए हैं।
सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के छात्र और युवाओं से जुड़े आंदोलनों के बाद केंद्र सरकार विरोधी आवाजों से डर गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और किसी भी तरह से उनकी अभिव्यक्ति को सीमित करने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता की आवाज दबाने से असंतोष और बढ़ सकता है।
तीन घंटे की समयसीमा पर चर्चा
केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, अदालत या सरकार की ओर से विधिसम्मत आदेश मिलने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अवैध सामग्री तीन घंटे के भीतर हटानी होगी। पहले इसके लिए अधिक समय उपलब्ध था। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाना और अवैध सामग्री पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
