सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया। गुरुवार की तेजी के बाद शुक्रवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दिया। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 65.35 अंक फिसलकर 24,570.65 अंक पर पहुंच गया।
वित्तीय शेयरों में बिकवाली बनी बड़ी वजह
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में देखने को मिला। इन शेयरों में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे आ गए। हालांकि ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिससे बाजार में गिरावट और अधिक गहरी नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल घरेलू और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
वैश्विक संकेतों का भी दिखा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई दिया। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बना रहा। बाजार खुलने के बाद शुरुआती मजबूती ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और दिन के दूसरे हिस्से में बिकवाली बढ़ गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के कई शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी चुनिंदा कंपनियों में बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक घटनाएं और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
