मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना राज्य की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल हो चुकी है। इस योजना का उद्देश्य 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी जाति, धर्म या क्षेत्रीय भेदभाव के देश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पूरी तरह निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराना है। सरकार का दावा है कि यह योजना बुजुर्गों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक धार्मिक यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।
सरकार के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन 3,500 से अधिक श्रद्धालु इस योजना के तहत विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे पंजाब में 100 से अधिक डीलक्स वातानुकूलित (AC) बसें संचालित की जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं को उनके जिले, कस्बे और गांवों से सीधे तीर्थ स्थलों तक लेकर जाती हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना की शुरुआत से अब तक 8,800 से अधिक तीर्थ यात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनका लाभ 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु उठा चुके हैं। यह संख्या योजना की बढ़ती लोकप्रियता और राज्यभर में इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाती है।
दूसरे चरण में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
योजना का दूसरा चरण अक्टूबर 2025 में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित करते हुए शुरू किया गया। इस चरण में श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, भगवान श्री वाल्मीकि तीरथ स्थल, जलियांवाला बाग, पार्टीशन म्यूजियम, श्री आनंदपुर साहिब और विरासत-ए-खालसा सहित कई धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ पंजाब की समृद्ध विरासत को जानने का अवसर भी मिल रहा है।
श्री आनंदपुर साहिब की टेंट सिटी बनी विशेष आकर्षण
योजना का एक प्रमुख आकर्षण श्री आनंदपुर साहिब में विकसित आधुनिक टेंट सिटी है। यहां लगभग 1,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। टेंट सिटी में वातानुकूलित आवास, अटैच बाथरूम, स्वच्छ भोजन, चिकित्सा सहायता, कीर्तन और ध्यान के लिए विशेष स्थान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आरामदायक और आध्यात्मिक वातावरण मिलता है।
पहले चरण में भी मिली शानदार सफलता
योजना का पहला चरण 27 नवंबर 2023 को श्री गुरु नानक देव जी के 554वें प्रकाश पर्व के अवसर पर शुरू किया गया था। पहले चरण में करीब 35,500 श्रद्धालुओं ने देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के निःशुल्क दर्शन किए। इनमें श्री हजूर साहिब (नांदेड़), श्री पटना साहिब, काशी विश्वनाथ, मथुरा-वृंदावन, अजमेर शरीफ, श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, श्री दमदमा साहिब, खाटू श्याम जी, सालासर धाम, माता चिंतपूर्णी, माता ज्वाला जी, माता नैना देवी और माता वैष्णो देवी** जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल शामिल रहे।
पंजाब सरकार यात्रा के दौरान परिवहन, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा खर्च स्वयं वहन कर रही है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा कराना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुविधा और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। 3.50 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच चुकी यह योजना आज पंजाब की सबसे सफल जनकल्याणकारी पहलों में से एक मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना से जोड़कर उन्हें देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के निःशुल्क दर्शन कराने का है।
