पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद अब CNG को लेकर भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार ने GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत CNG में Bio-CNG यानी बायोगैस से तैयार गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी है। इस योजना के लिए करीब 23,731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस यानी CBG का उत्पादन कई गुना बढ़ाना है।
कचरे से तैयार होगी Bio-CNG
Bio-CNG को खेती के बचे हुए अवशेष, पशुओं के गोबर, चीनी मिलों के कचरे, नगर निकायों के जैविक कचरे और दूसरे बायोमास से तैयार किया जाएगा। इसे साफ और प्रोसेस करने के बाद कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाई जाती है। इसकी खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल मौजूदा CNG नेटवर्क के जरिए किया जा सकता है। यानी ग्राहक को CNG स्टेशन पर गैस भरवाने का तरीका बदलने की जरूरत नहीं होगी।
CNG में कितनी Bio-CNG मिलेगी?
सरकार ने Bio-CNG की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 में इसे 5 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है। यह ब्लेंडिंग केवल गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG तक सीमित नहीं होगी, बल्कि संबंधित गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में CNG और PNG दोनों को ध्यान में रखा जाएगा।
क्या CNG कार में बदलाव करवाना पड़ेगा?
CNG कार मालिकों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार में कोई अलग हार्डवेयर लगाने की जरूरत नहीं होगी। Bio-CNG की संरचना सामान्य CNG से काफी मिलती-जुलती है। इसलिए मौजूदा CNG कारों के इंजन, CNG टैंक या किट में अलग से बदलाव करने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। असली बदलाव कार के अंदर नहीं, बल्कि फ्यूल के स्रोत में होगा।
माइलेज पर कितना असर पड़ेगा?
Bio-CNG की वजह से कार के माइलेज में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद फिलहाल नहीं जताई गई है। CBG की कैलोरिफिक वैल्यू CNG के करीब बताई गई है। हालांकि वास्तविक माइलेज केवल फ्यूल पर निर्भर नहीं करता। कार का मॉडल, गैस की गुणवत्ता, सड़क की स्थिति, ट्रैफिक और ड्राइविंग स्टाइल भी माइलेज को प्रभावित करते हैं। बड़े स्तर पर Bio-CNG के इस्तेमाल के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव का बेहतर आकलन हो सकेगा।
E20 से क्यों अलग है Bio-CNG का मामला?
पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने को लेकर पुराने वाहनों की अनुकूलता पर सवाल उठते रहे हैं। Bio-CNG का मामला कुछ अलग है। चूंकि Bio-CNG और प्राकृतिक गैस की संरचना काफी समान है, इसलिए इसे मौजूदा CNG सिस्टम में मिलाना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है। फिलहाल CNG कार मालिकों के लिए इंजन या दूसरे हार्डवेयर में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं बताई गई है।
