भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान BSE Sensex 77,966.35 अंक पर रहा और 187.90 अंक यानी 0.24% की गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्र में Sensex 78,154.25 अंक पर बंद हुआ था।
शुरुआत के बाद बाजार पर दबाव
बाजार की शुरुआत अपेक्षाकृत मजबूत स्तर पर हुई, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए। Sensex ने दिन के दौरान 78,263.33 का ऊपरी स्तर और 77,497.93 का निचला स्तर देखा। इससे साफ रहा कि निवेशकों के बीच बाजार की दिशा को लेकर सावधानी बनी हुई है।
Tata Group के शेयरों में हलचल
बाजार की कमजोरी की एक बड़ी वजह Tata Group के कई शेयरों में आई गिरावट रही। Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की खबर के बाद समूह की कई कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। TCS में तेज गिरावट दर्ज हुई, जबकि Tata Motors, Tata Steel, Titan और Tata Consumer जैसे शेयर भी कमजोर रहे।
कच्चे तेल की कीमत ने बढ़ाई चिंता
निवेशकों की नजर इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी है। कच्चा तेल करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और शिपिंग से जुड़ी चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में मजबूती आई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए महंगा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।
Nifty भी लाल निशान में
Sensex के साथ NSE Nifty 50 में भी कमजोरी रही। Nifty करीब 24,435.95 अंक पर 0.15% नीचे रहा। बाजार में 16 प्रमुख सेक्टरों में से सात में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मिडकैप शेयरों में करीब 0.3% की बढ़त देखने को मिली, जबकि छोटे शेयरों पर कुछ दबाव रहा।
निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों पर
बाजार के लिए अब घरेलू और अमेरिकी महंगाई के आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे। निवेशक यह देख रहे हैं कि तेल की बढ़ती कीमतों का महंगाई पर कितना असर पड़ता है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों की चाल और मध्य पूर्व की स्थिति भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
52 हफ्तों में Sensex का प्रदर्शन
12 अगस्त 2026 को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Sensex का 52-सप्ताह का उच्च स्तर 86,159.02 अंक और निचला स्तर 71,545.81 अंक रहा है।
