धूरी में आयोजित ‘मेेला तीयां दा 2026’ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने महिलाओं को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने इतने बड़े स्तर पर माताओं और बहनों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद किया।
गिद्धा-भंगड़ा और खुशियों का जिक्र
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब में आज गिद्धा, भंगड़ा और त्योहारों की रौनक दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, महिलाओं के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने वाली सोच से ऐसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का माहौल बना है।
पंजाब की बेटियों की आवाज हैं बोलियां
मंत्री ने पंजाबी लोक संस्कृति की बोलियों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें पंजाब की बेटियों के मन की भावनाएं और उनके अनुभव दिखाई देते हैं। तीयां के दौरान गाई जाने वाली बोलियां सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि महिलाओं की भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम भी रही हैं।
पुराने समय के भेदभाव को किया याद
अपने संबोधन में डॉ. बलजीत कौर ने पुराने समय में बेटियों के साथ परिवार और समाज में होने वाले भेदभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर की कई लोक बोलियों में बेटियों के मन की पीड़ा और उनके साथ हुए व्यवहार की झलक मिलती है।
महिला सम्मान के लिए उठाए कदमों का जिक्र
मंत्री ने पंजाब सरकार की ओर से महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर उठाए गए कदमों पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर मिलना समाज में बदलाव का संकेत है।
शिक्षा की मांग वाली बोली से दिया संदेश
अपने संबोधन के अंत में डॉ. बलजीत कौर ने ऐसी लोक बोली का जिक्र किया, जिसमें आज की बेटी अपने लिए शिक्षा की मांग करती है। उन्होंने इसे बदलते पंजाब की तस्वीर से जोड़ते हुए बेटियों की पढ़ाई को उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
