रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और लोग राखी, मिठाई और गिफ्ट खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग का सहारा लेते हैं। इसी दौरान साइबर ठग भी एक्टिव हो जाते हैं। सस्ते ऑफर, भारी डिस्काउंट और गिफ्ट का लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट, लिंक और पेमेंट के जरिए निशाना बनाया जा सकता है।
1. फेक गिफ्ट लिंक से सावधान
त्योहार के दौरान मोबाइल पर ‘आपके लिए खास गिफ्ट’ या ‘रक्षाबंधन स्पेशल गिफ्ट’ जैसे मैसेज आ सकते हैं। इनमें दिए लिंक पर क्लिक करने से फर्जी वेबसाइट खुल सकती है या APK फाइल डाउनलोड करने को कहा जा सकता है। ऐसी फाइल फोन का डेटा चोरी करने या बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने का जरिया बन सकती है।
2. 80-90% डिस्काउंट का झांसा
राखी और गिफ्ट पर 80 या 90 फीसदी तक छूट देखकर कोई भी आकर्षित हो सकता है। ठग इसी लालच का फायदा उठाकर फर्जी शॉपिंग वेबसाइट बना सकते हैं। भुगतान के दौरान कार्ड, UPI या बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। बहुत ज्यादा सस्ता ऑफर दिखे तो पहले वेबसाइट की जांच जरूर करें।
3. कुरियर के नाम पर ठगी
रक्षाबंधन पर घर आने वाले गिफ्ट या पार्सल का हवाला देकर ठग फोन कर सकते हैं। वे एड्रेस अपडेट करने, डिलीवरी पूरी करने या कथित शुल्क के नाम पर OTP या पेमेंट मांग सकते हैं। किसी अनजान कॉल पर ऐसी जानकारी साझा न करें।
4. UPI रिफंड स्कैम
अगर आपने कोई ऑनलाइन सामान वापस किया है और रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो ठग इसी स्थिति का फायदा उठा सकते हैं। वे खुद को कंपनी या पेमेंट सर्विस का कर्मचारी बताकर रिफंड के नाम पर लिंक भेज सकते हैं या UPI के जरिए प्रक्रिया पूरी करने को कह सकते हैं।
5. कैशबैक का लालच भी पड़ सकता है भारी
त्योहारी सीजन में बैंक या शॉपिंग ऑफर के नाम पर कैशबैक का झांसा दिया जा सकता है। ठग प्रोसेसिंग फीस या वेरिफिकेशन के नाम पर छोटी रकम और बैंकिंग जानकारी मांग सकते हैं। ऐसे ऑफर की पुष्टि हमेशा संबंधित बैंक या कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से करें।
साइबर ठगी से बचने के आसान तरीके
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, ATM PIN और UPI PIN किसी से शेयर न करें।
- पैसे रिसीव करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
- पैसे पाने के लिए किसी अनजान QR कोड को स्कैन न करें।
- ऑनलाइन खरीदारी के लिए भरोसेमंद और आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करें।
- कोई ऑफर बहुत ज्यादा अच्छा लगे तो भुगतान करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें।
