YouTube Shorts पर हर क्रिएटर चाहता है कि उसका वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। लेकिन कई बार मेहनत से बनाया गया वीडियो भी उम्मीद के मुताबिक व्यूज नहीं ला पाता। इसकी वजह कंटेंट के अलावा पोस्ट करने का समय भी हो सकता है। जब दर्शक ज्यादा संख्या में YouTube पर एक्टिव होते हैं, उस समय वीडियो डालने से शुरुआती व्यूज मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
शाम का समय हो सकता है फायदेमंद
भारत में Shorts अपलोड करने के लिए शाम का समय एक अच्छा विकल्प माना जा सकता है। खासकर शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच लोग काम, पढ़ाई या दूसरे जरूरी कामों से फ्री होकर मोबाइल चलाते हैं। ऐसे में YouTube पर वीडियो देखने वाले यूजर्स की संख्या बढ़ सकती है।
कॉमेडी, मनोरंजन, वायरल ट्रेंड और हल्के-फुल्के कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स इस टाइम स्लॉट को आजमा सकते हैं।
दोपहर का स्लॉट भी करें टेस्ट
वीडियो पोस्ट करने के लिए केवल शाम पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच भी Shorts अपलोड करके देखा जा सकता है। लंच ब्रेक के दौरान कई लोग कुछ मिनट मोबाइल पर वीडियो देखने में बिताते हैं।
अगर आपका कंटेंट स्टूडेंट्स, ऑफिस कर्मचारियों या सामान्य सोशल मीडिया यूजर्स के लिए है, तो यह समय आपके चैनल के लिए काम कर सकता है।
छुट्टी के दिन बदल सकती है ऑडियंस
शनिवार और रविवार को दर्शकों का ऑनलाइन रहने का पैटर्न अलग हो सकता है। छुट्टी होने के कारण लोग सुबह भी YouTube देखने के लिए समय निकाल सकते हैं। इसलिए वीकेंड पर सुबह 9 से 11 बजे के बीच Shorts डालकर भी रिजल्ट देखा जा सकता है। शाम 5 से 9 बजे का समय भी एक विकल्प हो सकता है।
हर चैनल के लिए एक ही समय नहीं
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी दूसरे चैनल का सफल टाइम आपके चैनल के लिए भी जरूरी नहीं कि उतना ही अच्छा हो। अलग-अलग चैनलों की ऑडियंस की उम्र, रुचि और ऑनलाइन रहने का समय अलग होता है।
YouTube Studio के Analytics और Audience डेटा को देखकर क्रिएटर पता लगा सकते हैं कि उनके दर्शक कब ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसी जानकारी के आधार पर अलग-अलग समय पर Shorts पोस्ट करके प्रदर्शन की तुलना की जा सकती है।
