पंजाब में ED की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ED गौरव धीर के जरिए उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अरोड़ा ने कहा कि ELTUS मामले में मौजूदा मान सरकार को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
2012 के CLU का दिया हवाला
अमन अरोड़ा ने कहा कि ELTUS को पहली बार 2012 में अकाली-BJP सरकार के दौरान CLU दिया गया था। उनके मुताबिक, मान सरकार के कार्यकाल में ELTUS ने एक बार भी CLU नहीं लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि ELTUS से जुड़ी 2010 की FIR को हाई कोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। अरोड़ा ने सवाल उठाया कि विपक्ष के पास इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि मान सरकार के समय आखिर कौन-सी गड़बड़ी हुई।
पुरानी नीतियों पर AAP नेता का सवाल
अरोड़ा ने कहा कि ले-आउट में बदलाव कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जा सकते हैं और इस मामले से जुड़े CLU पुराने शासन के दौरान हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी नीतियों और फैसलों का ठीकरा मौजूदा सरकार पर फोड़ा जा रहा है।
ED से निष्पक्ष जांच की मांग
अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर ED की कार्रवाई सही और निष्पक्ष है तो जांच सभी संबंधित लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने सुखबीर बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया समेत संबंधित नेताओं से पूछताछ की मांग की।
अरोड़ा ने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
