नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2026
आम आदमी पार्टी के तिलक नगर से विधायक जनरैल सिंह ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और ठेकेदार से पैसे मांगने के झूठे आरोप लगाकर बदनाम कर रहे मंत्री प्रवेश वर्मा को मानहानि का नोटिस भेजा है। ‘‘आप’’ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा कर कहा कि बीते रविवार को विधायक जनरैल सिंह ने तिलक नगर में पीडब्ल्यूडी की सड़क में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा मंत्री प्रवेश वर्मा के सामने किया था। इससे तिलमिलाए प्रवेश वर्मा अपने विभाग के एई और ठेकेदार से पैसे मांगने के झूठे आरोप लगाकर जनरैल सिंह को बदनाम करना चाहते हैं। उधर, जनरैल सिंह ने मानहानि के नोटिस में प्रवेश वर्मा को झूठे आरोप लगाने और एक युवक को थप्पड़ मारने की गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने के लिए 7 दिन का समय दिया है।
गुरुवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पुलों का गिरना और सड़कों के बीच में गड्ढे होना आम बात हो चुकी है, लेकिन रविवार को दिल्ली के अंदर जो हुआ वह पूरे देश ने देखा। पिछले हफ्ते मैंने दिल्ली में बन रही सड़कों में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया, तो मंत्री प्रवेश वर्मा ने तिलक नगर में निरीक्षण रखा गया। साथ ही, एक षड्यंत्र भी रचा गया था। रविवार को प्रवेश वर्मा ने मुझे फोन करके बुलाया। उन्हें लगा कि शायद मैं नहीं आऊंगा। लेकिन जब मैं पहुंचा, वहां प्रवेश वर्मा ने अपने साथ भाजपा के काफी कार्यकर्ताओं और कुछ असामाजिक तत्वों को इकट्ठा कर रखा था। उनकी कोशिश यह थी कि मुझे बुलाकर अपने विभाग के भ्रष्टाचार पर लीपापोती करके चले जाएंगे, लेकिन उनका यह सारा षड्यंत्र वहां ढेर हो गया।
जरनैल सिंह ने कहा कि प्रवेश वर्मा मुझसे पूछे कि बताओ सड़क कहां टूटी है और सड़क में क्या कमी है। जब मैंने सड़क उखाड़ कर उसकी असलियत दिखा दी, तो अपने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होता देख मंत्री आपे से बाहर हो गए। उन्होंने साहिब सिंह नाम के नौजवान का मोबाइल छीना, उसे थप्पड़ मारा और फिर वे वहां से फरार हो गए। इसके बाद से प्रवेश वर्मा और पूरी भाजपा अपने बचाव में हर पांच मिनट बाद अपना बयान बदल रही है, क्योंकि एक झूठ छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं। पहले उन्होंने कहा कि यह टेंपरेरी सड़क है जो गुरुद्वारे वालों के कहने पर बनाई गई। फिर उन्होंने प्यारा सिंह नाम के एक शख्स को खड़ा कर दिया जिसका गुरुद्वारा प्रबंधक समिति से कोई संबंध ही नहीं है और उससे बुलवाया जा रहा है कि सड़क टेंपरेरी बनाई गई है।
जरनैल सिंह ने आगे कहा कि अगर टेंपरेरी सड़क बनाई गई थी, तो जो परमानेंट सड़क बनाई थी, वह क्यों उखड़ रही है? मैंने मंत्री से पूछा था कि क्या उन्होंने इस सड़क की कोर कटिंग, क्वालिटी टेस्ट और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करवा लिया है, तो उन्होंने कहा था कि हां सब कर लिया है, अब सड़क उखाड़ कर दिखाओ। अब मंत्री कोर कटिंग और थर्ड पार्टी के इंस्पेक्शन को सार्वजनिक करें और लोगों को बताएं कि उसकी रिपोर्ट में क्या है? हम भी इस सड़क का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराकर उसकी रिपोर्ट सबके सामने रखेंगे।
जरनैल सिंह ने कहा कि मंत्री प्रवेश वर्मा यह भी बताएं कि सड़क कब से टेंपरेरी, सेमी-परमानेंट और परमानेंट बननी शुरू हो गई और अगर उन्हें लगता है कि सड़क ठीक बनी है, तो एक बार स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि सड़क तो अभी भी उखड़ रही है। हम कच्ची सड़क की नहीं, बल्कि उस सड़क की बात कर रहे हैं जिसे वे बहुत पक्की बता रहे थे, जबकि बुधवार को एक भाजपा विधायक फर्जी तरीके से हथौड़े मार-मार कर सड़क पर कुछ दिखाने की कोशिश कर रहे थे, पर वे भी असफल रहे। अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या इस देश के नौजवान भ्रष्टाचार के ऊपर सरकार से सवाल नहीं कर सकते और क्या सवाल करने पर उन्हें थप्पड़ मारकर जवाब दिया जाएगा?
जरनैल सिंह ने कहा कि पिछले चार दिनों से पूरी भाजपा मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रही है। मेरा यह चौथा कार्यकाल चल रहा है और पिछले 13 सालों में भाजपा मेरे खिलाफ सबसे बड़ा मामला यह निकाल कर ला पाई है कि 28 अप्रैल 2015 को मेरे खिलाफ एक एफआईआर हुई थी। इस एफआईआर में इल्जाम लगाया गया था कि मैंने एमसीडी के बिल्डिंग डिपार्टमेंट के जेई से बदसलूकी की, लेकिन इस एफआईआर में कोर्ट ने आदेश दिया कि कोई भी अदालत आईपीसी की धारा 172 से 188 के तहत किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगी और मुझे डिस्चार्ज कर दिया।
जरनैल सिंह ने कहा कि अगर आरोप तय होने से पहले ही आरोपी को डिस्चार्ज कर दिया जाए, तो पुलिस और एफआईआर करने वालों की कितनी बेइज्जती होती है। इसमें बिना किसी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, इसलिए मुझे आरोप तय होने से पहले ही बरी कर दिया गया। भाजपा के जो कार्यकर्ता इसे सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, उन्हें डालने से पहले इसकी प्रामाणिकता चेक कर लेनी चाहिए।
जरनैल सिंह ने कहा कि मंत्री प्रवेश वर्मा बताएं कि क्या अब सड़क पक्की बन गई है, क्योंकि वे बार-बार अलग-अलग तरीके से झूठ बोल रहे थे कि सड़क को जमने में 6, 8, 10 या 12 घंटे लगते हैं। सड़क को बने लगभग एक हफ्ता हो चुका है, पिछले बुधवार को सड़क बनी थी और आज गुरुवार है। अगर अब सड़क जम गई है, तो क्या मंत्री दोबारा वहां आकर सड़क का निरीक्षण कराने को तैयार हैं? अगर मंत्री इंजीनियर से यह बोल देते कि बताओ सड़क खराब क्यों बनी है, मैं इसकी जांच करवा रहा हूं, तो शायद उनका कुछ बचाव हो जाता, लेकिन अपने भ्रष्टाचार को देखकर आपा खोकर उन्होंने जो गुंडागर्दी की, जो बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है।
जरनैल सिंह ने बताया कि मैंने एंटी करप्शन ब्रांच में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पिछले चार दिनों से मुझे बदनाम करने के लिए मंत्री कभी विभाग के अधिकारियों पर, तो कभी ठेकेदार पर दबाव बनाकर यह कहलवा रहे हैं कि मैंने उनसे पैसे मांगे थे। मैंने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ मानहानि का नोटिस जारी करवा दिया है। अगर मंत्री को जरा भी शर्म है और वे मानते हैं कि उन्होंने नौजवान को थप्पड़ मारकर, भ्रष्टाचार देखकर आपा खोकर और मुझे नाजायज बदनाम करके गलत किया है, तो वे अगले सात दिन के अंदर माफी मांगें, नहीं तो यह कानूनी कार्रवाई और आगे बढ़ेगी।
