पंजाब में आज, 14 दिसंबर 2025 को जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव कराए जा रहे हैं। इन चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए पंजाब राज्य चुनाव आयोग और पंजाब उत्पाद शुल्क विभाग ने राज्य में दो दिनों की शराबबंदी लागू करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले किसी भी अनुचित प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, शराबबंदी का मुख्य मकसद कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मतदाताओं को बिना किसी दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर देना है। प्रशासन का मानना है कि चुनाव के दौरान शराब की उपलब्धता से विवाद, हिंसा या अवांछनीय घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी के दौरान राज्य भर में शराब की सभी दुकानें, ठेके और बिक्री केंद्र बंद रहेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शराब विक्रेताओं को समय रहते इस आदेश की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन न हो। अगर कोई व्यक्ति या दुकानदार इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव आयोग ने खास तौर पर मतदान केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नियमित चेकिंग और गश्त के जरिए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शराब की अवैध बिक्री या भंडारण न हो। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की नींव होते हैं और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे शराबबंदी के इस आदेश का पूरी तरह पालन करें और चुनाव प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग दें। आयोग ने यह भी कहा कि यह प्रतिबंध केवल दो दिनों के लिए है, लेकिन इसका प्रभाव चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है।
गौरतलब है कि इन चुनावों के नतीजे 17 दिसंबर 2025 को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देने की अपील की है।
